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प्रेमी की हत्या के मामले में महिला और पति को उम्रकैद, एक लाख रुपये जुर्माना

प्रेमी की हत्या के मामले में महिला और पति को उम्रकैद, एक लाख रुपये जुर्माना

मुजफ्फरनगर। खतौली क्षेत्र के जसौला गांव में युवक अंकित की हत्या के मामले में न्यायालय ने महिला और उसके पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट के पीठासीन अधिकारी डा. विजय कुमार ने दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोनों को जिला कारागार से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए न्यायालय में पेश किया गया।

अभियोजन के अनुसार, सात जनवरी 2024 की शाम जसौला निवासी 22 वर्षीय अंकित गांव के एक युवक के साथ मीनाक्षी के घर गया था। अंकित और मीनाक्षी के बीच प्रेम-प्रसंग था। जब अंकित के परिजनों को उसके मीनाक्षी के घर जाने की जानकारी मिली तो उसके पिता रणवीर सिंह और भाई लवकुश वहां पहुंचे। दरवाजा नहीं खुलने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो अंकित घर के अंदर बेसुध अवस्था में पड़ा मिला। उसके गले में मफलर और एक आपत्तिजनक वस्तु बंधी थी, जबकि माथे तथा हाथ-पैर पर चोट के निशान थे।

मामले में पुलिस ने मीनाक्षी और उसके पति सोनू को 10 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों ने अंकित की डंडों से पिटाई कर हत्या की थी। इसके बाद पुलिस ने आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन की ओर से अंकित के पिता रणवीर सिंह और भाई लवकुश समेत सात गवाह पेश किए गए।

अभियोजन पक्ष के सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार त्यागी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंकित के शरीर पर चोट के 18 निशान मिले थे। जांच के दौरान मीनाक्षी के घर से अंकित का टूटा हुआ मोबाइल, खून से सनी रजाई, तीन बाल और शर्ट के दो बटन बरामद हुए। इसके अलावा हत्या में इस्तेमाल किए गए दो दुपट्टे, सूत का नाड़ा और चार डंडे भी पुलिस ने बरामद किए थे। टूटे मोबाइल की पहचान अंकित के पिता ने की थी। मामले की जांच तत्कालीन सीओ खतौली डा. रविशंकर और यतेंद्र नागर ने की थी।

अदालत ने शुक्रवार को दोनों को दोषी करार दिया था। बुधवार को सजा सुनाते हुए न्यायालय ने दोनों को उम्रकैद और जुर्माने की सजा दी। अभियोजन के मुताबिक, घटना के बाद करीब 997 दिन में मामले में फैसला आया।

बताया गया कि ट्रक चालक सोनू अक्सर घर से बाहर रहता था। उसका कुत्ता बीमार होने पर अंकित को उपचार के लिए बुलाया गया था। इसी दौरान अंकित और मीनाक्षी के बीच बातचीत शुरू हुई। मीनाक्षी को आशंका थी कि प्रेम संबंधों की जानकारी होने पर उसका पति उसे छोड़ सकता है। अभियोजन के अनुसार, इसी पृष्ठभूमि में अंकित की हत्या की गई।