चित्रकूट – मानिकपुर क्षेत्र के गढ़चपा पतेरिया गांव में 20 वर्षीय देवानंद द्विवेदी उर्फ देवा की आत्महत्या के मामले में परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। परिजनों का आरोप है कि पहले से दर्ज एक मामले के बाद देवानंद को दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही थी। इसी दबाव और डर के कारण उसने आत्मघाती कदम उठाया।
देवानंद ने रविवार शाम अपने घर के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी थी। घटना की सूचना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपितों पर कार्रवाई की मांग करते हुए करीब दो घंटे तक शव नहीं उठने दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस बल गांव पहुंचा और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
परिजनों के मुताबिक, जुलाई में देवानंद अपने साथी सुधीर यादव के साथ बाइक से ऐंचवारा की ओर जा रहा था। इसी दौरान गांव के संजय कुमार से रास्ते में विवाद हुआ था। संजय उस समय ई-रिक्शा से कुछ छात्राओं को कॉलेज छोड़ने जा रहा था। बाद में संजय की ओर से छात्राओं के साथ अश्लील टिप्पणी, गालीगलौज और मारपीट के आरोप लगाते हुए शिकायत दी गई थी। पुलिस ने देवानंद और सुधीर के खिलाफ एससी-एसटी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
स्वजन का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद देवानंद डर के कारण पंजाब चला गया था और घटना से कुछ दिन पहले ही वापस गांव लौटा था। आरोप है कि लौटने के दौरान संजय और उसके साथियों ने उसे पहले दर्ज मुकदमे का हवाला देते हुए दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी दी। परिवार के अनुसार, इसके बाद वह काफी परेशान और भयभीत था।
मामले में मानिकपुर विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी समेत सवर्ण आर्मी के पदाधिकारी और अन्य लोग भी गांव पहुंचे। उन्होंने आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की। अपर पुलिस अधीक्षक पीयूष कांत राय और थाना प्रभारी अजीत पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के निर्देश पर संजय कुमार, शंकर दयाल, प्रेम प्रिंस और विजय के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में देवानंद की मौत की वजह हैंगिंग बताई गई है। शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और नामजद आरोपितों की तलाश की जा रही है। मंगलवार को पुलिस ने आरोपितों के घरों पर भी दबिश दी, लेकिन वे वहां नहीं मिले।
घटना को लेकर इंटरनेट मीडिया पर भी अलग-अलग दावे और प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम और लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
