शाहजहांपुर। खुदागंज थाना क्षेत्र के सूथा गांव में मंदिर परिसर में दो सेवादारों की हत्या से सनसनी फैल गई। वारदात के बाद दोनों के शवों को जला दिया गया। सुबह ग्रामीण मंदिर परिसर पहुंचे तो घटना की जानकारी हुई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए एक युवक को संदिग्ध आरोपी के तौर पर चिन्हित किया है।
अजीजगंज निवासी गोपालदास पिछले कई वर्षों से सूथा गांव स्थित मंदिर में सेवादार के रूप में रह रहे थे। वहीं गांव के दूसरे मंदिर में रहने वाले बाबा बिहारी दास भी करीब एक महीने से गोपालदास के साथ ही रह रहे थे।
बताया गया कि गांव का रहने वाला सुमित सिंह दोनों सेवादारों के पास अक्सर आता-जाता था। वह करीब एक महीने पहले ही जेल से बाहर आया था और मंदिर परिसर में रहना चाहता था। इसी बात को लेकर उसका दोनों सेवादारों से कई बार विवाद भी हुआ था। जानकारी के मुताबिक, घटना वाली रात भी मंदिर में कब्जे को लेकर उनके बीच कहासुनी हुई थी।
वारदात के बाद से सुमित सिंह फरार है। ग्रामीणों के अनुसार, सुमित की आपराधिक और नशे की प्रवृत्ति के कारण लोग उससे दूरी बनाकर रखते थे। उसके जेल से बाहर आने पर भी ग्रामीणों ने विरोध किया था।
एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि मामले में गांव के ही सुमित सिंह का नाम सामने आया है। उसकी तलाश के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के साथ घटना के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
